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खुशियां तो किनारा है ।

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिंदगी बहाराॅं है
        
                                                    
                            
अपनों का सहारा है।

किसको क्या पता ये दिन
मेरा या तुम्हारा है।

गम तो बहुत दरिया है
खुशियां तो किनारा है ।

झूठ तो नशा है एक
सच तो पानी खारा है।

सच में मेरी अर्जी है
झूठ उसका सारा है।

हम तो अपनी हद में हैं
वो तो एक आवारा है।

वो अगरचे है सूरज
तू भी चांद प्यारा है।

रात तो गुजरनी है
इसका दिन इशारा है।

कल का किस ने सोचा है
आज तो हमारा है।

जो मेरी इबादत है
वो मेरा खुदारा है।।

 
2 महीने पहले
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