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आज का विचार: चाणक्य

काव्य डेस्क

Aaj Ka Vichar
                                                                
                                                    व्यवहार में पक्षपात नहीं करना चाहिए। व्यवहार धर्म से भी महत्वपूर्ण है।
- चाणक्य  
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8 hours ago

आज का शब्द: दीपशिखा और प्रेमलता त्रिपाठी की कविता- लौ कंपन

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
                                                                
                                                    'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- दीपशिखा, जिसका अर्थ है- दीए की लौ। प्रस्तुत है प्रेमलता त्रिपाठी की कविता- लौ कंपन

विहँस विहँस मनभावन,जलती दीपशिखा ।
सिहर सिहर लौ कंपन, करती दीपशिखा ।

टिम टिम...और पढ़ें
10 hours ago
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Happy Diwali 2026: शिवमंगल सिंह ‘सुमन’की कविता- मृत्तिका दीप

काव्य डेस्क

Kavita
                                                                
                                                    मृत्तिका का दीप तब तक जलेगा अनिमेष
एक भी कण स्नेह का जब तक रहेगा शेष।

हाय जी भर देख लेने दो मुझे
मत आँख मीचो
और उकसाते रहो बाती
न अपने हाथ खींचो
प्रात जीवन का दिखा दो
फिर मुझे चाहे बुझा दो...और पढ़ें
10 hours ago

अर्पित शर्मा अर्पित की ग़ज़ल: है जैसे रोज़ दीवाली सी दुनिया दुनिया वालों की

काव्य डेस्क

Urdu Adab
                                                                
                                                    है जैसे रोज़ दीवाली सी दुनिया दुनिया वालों की
हमें भी चार दिन की ज़िंदगी मिलती उजालों की

जुदा ग़म है जुदा ख़ुशियाँ जुदा दिन है जुदा रातें
ये दुनिया ही निराली है मोहब्बत करने वालों की

ज़माना ख़ूबसूरत है ज़मा...और पढ़ें
10 hours ago
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अतुल कनक की कविता- अँधेरे के विरुद्ध

काव्य डेस्क

Kavita
                                                                
                                                    कितनी ही गहरी हो अमावस
थरथरा जाती है आख़िर
दीवार पर प्रकाशित होते ही एक दीपक

रचने वाले रच लें अनगिनत प्रपंच,
मारीच की माया कभी नहीं रच सकेगी
अंतिम जीत की छवियाँ
सत् का साथी आएगा जब अपनी पर
छिन्न...और पढ़ें
10 hours ago

फिर बताओ इस सबका ज़िम्मेदार कौन है..?

Std Maurya

Mere Alfaz
                                                                
                                                    कहो तुम, मैं अंधा-बहरा हूँ
उन्होंने तुम्हें बाँटा और तुम बंट गए,
उन्होंने तुम्हें जाति के बंधन में बाँधा, तुम बंध गए..
जाति के आधार पर काम दिया, तुम करने लगे..
उन्होंने हल चलवाए, तुम चलाए,
नाली साफ़ कराए, तुम किए...और पढ़ें
12 hours ago

जैसे गंगा गायत्री गीता सा बनाए

देवसुधा पत्रिका

Mere Alfaz
                                                                
                                                    गोपाष्टमी भारत का महान पर्व
गोवर्धन गाय बछड़े का महत्व ,
शास्त्रानुसार पंचोपचार पूजन
करे मनोकामनाओं का पूर्णत्व।
अष्टमी को मिले श्यामा गाय
मानव का अहो सौभाग्य है,
भारत भारतीयता का गौरव
गायपूजन जीवन का...और पढ़ें
12 hours ago

बट गई भूमि,बट गए द्वार और बटा परिवार

Saurabh dixit

Mere Alfaz
                                                                
                                                    राहों पर अंधेरो से लगता है डर
मानो साँसे थम सी गई हो बीच डगर

यह अंधेरा है स्वार्थ,अहि मन धोखो का
बेचैन सी निगाहे देखती हरकत लोगो का

लोभी मन पैसो का,पैसा ही मानो धड़कन
अपनो में ही लड़ाई, वे कभी संग थे...और पढ़ें
12 hours ago

दीवाली का यह अन्तिम पर्व। ।

देवसुधा पत्रिका

Mere Alfaz
                                                                
                                                    पौराणिक स्नेह पर्व
भाई दूज सनातन मित्रों,
यम और भातृ द्वितीया
यमुना स्नान पर्व मित्रों।
धन आयुष धर्म यहां से
अर्थ अपरिमित सुख यहां से,
धर्मराज का लेखा जोखा
श्री लिख श्रीगणेश यहां से।
प्रातःकाल च...और पढ़ें
12 hours ago

समझ से सुरक्षित स्वाभिमान। ।

देवसुधा पत्रिका

Mere Alfaz
                                                                
                                                    भारतीय लोकजीवन में महत्वपूर्ण
दीपावली का आना,
प्रकृति के साथ सामंजस्य
मानव का बन जाना।
गोधन की पूजा-पाठ, अभिनंदन
अहंकार का शमन,
श्रीकृष्ण की कनिष्ठा उंगली
सात दिनों तक गोवर्धन।
गिरिधर से गिरधारी...और पढ़ें
12 hours ago
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