व्यवहार में पक्षपात नहीं करना चाहिए। व्यवहार धर्म से भी महत्वपूर्ण है।
- चाणक्य
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'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- दीपशिखा, जिसका अर्थ है- दीए की लौ। प्रस्तुत है प्रेमलता त्रिपाठी की कविता- लौ कंपन
विहँस विहँस मनभावन,जलती दीपशिखा ।
सिहर सिहर लौ कंपन, करती दीपशिखा ।
टिम टिम...और पढ़ें
मृत्तिका का दीप तब तक जलेगा अनिमेष
एक भी कण स्नेह का जब तक रहेगा शेष।
हाय जी भर देख लेने दो मुझे
मत आँख मीचो
और उकसाते रहो बाती
न अपने हाथ खींचो
प्रात जीवन का दिखा दो
फिर मुझे चाहे बुझा दो...और पढ़ें
है जैसे रोज़ दीवाली सी दुनिया दुनिया वालों की
हमें भी चार दिन की ज़िंदगी मिलती उजालों की
जुदा ग़म है जुदा ख़ुशियाँ जुदा दिन है जुदा रातें
ये दुनिया ही निराली है मोहब्बत करने वालों की
ज़माना ख़ूबसूरत है ज़मा...और पढ़ें
कितनी ही गहरी हो अमावस
थरथरा जाती है आख़िर
दीवार पर प्रकाशित होते ही एक दीपक
रचने वाले रच लें अनगिनत प्रपंच,
मारीच की माया कभी नहीं रच सकेगी
अंतिम जीत की छवियाँ
सत् का साथी आएगा जब अपनी पर
छिन्न...और पढ़ें
कहो तुम, मैं अंधा-बहरा हूँ
उन्होंने तुम्हें बाँटा और तुम बंट गए,
उन्होंने तुम्हें जाति के बंधन में बाँधा, तुम बंध गए..
जाति के आधार पर काम दिया, तुम करने लगे..
उन्होंने हल चलवाए, तुम चलाए,
नाली साफ़ कराए, तुम किए...और पढ़ें
गोपाष्टमी भारत का महान पर्व
गोवर्धन गाय बछड़े का महत्व ,
शास्त्रानुसार पंचोपचार पूजन
करे मनोकामनाओं का पूर्णत्व।
अष्टमी को मिले श्यामा गाय
मानव का अहो सौभाग्य है,
भारत भारतीयता का गौरव
गायपूजन जीवन का...और पढ़ें
राहों पर अंधेरो से लगता है डर
मानो साँसे थम सी गई हो बीच डगर
यह अंधेरा है स्वार्थ,अहि मन धोखो का
बेचैन सी निगाहे देखती हरकत लोगो का
लोभी मन पैसो का,पैसा ही मानो धड़कन
अपनो में ही लड़ाई, वे कभी संग थे...और पढ़ें
पौराणिक स्नेह पर्व
भाई दूज सनातन मित्रों,
यम और भातृ द्वितीया
यमुना स्नान पर्व मित्रों।
धन आयुष धर्म यहां से
अर्थ अपरिमित सुख यहां से,
धर्मराज का लेखा जोखा
श्री लिख श्रीगणेश यहां से।
प्रातःकाल च...और पढ़ें
भारतीय लोकजीवन में महत्वपूर्ण
दीपावली का आना,
प्रकृति के साथ सामंजस्य
मानव का बन जाना।
गोधन की पूजा-पाठ, अभिनंदन
अहंकार का शमन,
श्रीकृष्ण की कनिष्ठा उंगली
सात दिनों तक गोवर्धन।
गिरिधर से गिरधारी...और पढ़ें