जिंदगी बहाराॅं है
अपनों का सहारा है।
किसको क्या पता ये दिन
मेरा या तुम्हारा है।
गम तो बहुत दरिया है
खुशियां तो किनारा है ।
झूठ तो नशा है एक
सच तो पानी खारा है।
सच में मेरी अर्जी है
झूठ उसका सारा है।
हम तो अपनी हद में हैं
वो तो एक आवारा है।
वो अगरचे है सूरज
तू भी चांद प्यारा है।
रात तो गुजरनी है
इसका दिन इशारा है।
कल का किस ने सोचा है
आज तो हमारा है।
जो मेरी इबादत है
वो मेरा खुदारा है।।
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