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मेरे अल्फाज़

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भाषाओं की रानी

Vinay Mitwa

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हिन्द देश की शान है हिन्दी
भारत मां की जान है हिन्दी
भाषाओं की रानी है
सबने सच यह जानी है।
देश की यह जन भाषा है
हर भाषा की आशा है
क्यों केवल ये राज की भाषा है
है जबकि कई कोटि की भाषा।
राष्ट्र की...और पढ़ें
15 hours ago

आधी रात से चाँद तक

User

Mere Alfaz
                                                                
                                                    आधी रात से चाँद तक

आधी रात के मौन गगन में,
आजादी का स्वर लहराया।
बिखरे मोती रियासतों के,
एक मुकुट में देश सजाया।

हमने अपने हाथों मिलकर,
अपना संविधान बनाया।
हर दशक संकल्प बढ़ा,
भा...और पढ़ें
15 hours ago
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अधूरा सच

Arunima Bahadur

Mere Alfaz
                                                                
                                                    एक अधूरा सच,
जो आंखे देखती रही
और अंतःकरण,
रोता रहा।

जी कर ,
अधूरी जिंदगानी,
मन कही,
खोता रहा।

टूटती रही,
रिश्तों की बाते,
मन सोच अपनो को,
दर्द सहता रहा।...और पढ़ें
15 hours ago

दिल के विभिन्न रूप

Sooba Lal

Mere Alfaz
                                                                
                                                    दिल कितना नाजुक-सा है,बिन छुए टूट जाता है,
शब्द भले ही पत्थर न हों,फिर भी चोट लगाता है।
मीठे बोलों की फुहारों से,पल में भावुक हो जाता है,
प्रेम भरे दो शब्द को सुन,सूना मन भी मुस्काता है।

कटु शब्दों के तीखे वार से,म...और पढ़ें
15 hours ago
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हर युग की पथदर्शी रामायण

User

Mere Alfaz
                                                                
                                                    तमसा तट पर बाण चला तो, क्रौंच-विहग का स्वर अकुलाया,
करुण पुकार सुनी वाल्मीकि ने, ऋषि का अंतर भर आया।
पीड़ा ने जब छंद सँवारा, प्रथम श्लोक साकार हुआ,
शोक ढला जब श्लोक रूप में, रामायण का दीप जलाया।
एक पक्षी की पीड़ा ने भी, मा...और पढ़ें
15 hours ago

तुझे नशा कहूं या फिर शराब कहूं

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                                                
                                                    तुझे सवाल कहूं या फिर जवाब कहूं,
तुझे हकीकत कहूं या फिर ख्वाब कहूं,
सचमुच तू मेरे अंदर भी है बाहर भी है,
तुझे एक नशा कहूं या फिर शराब कहूं|
-मनस्व...और पढ़ें
15 hours ago

सूरज की प्रतिमा

Manish Kumar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    तुम बनो सूरज की वह प्रतिमा,
तुम्हारे चेहरे पर दिखना चाहिए सदा लालिमा।

उस लालिमा में एक ऐसी हो अनल,
जिसे देख तुम्हारे दुश्मन की धड़कन उठे मचल।

तुम अपनी मेहनत की चाबी से खोल देना अपनी किस्मत का ताला,
ह...और पढ़ें
15 hours ago

हम नींद से क्या जागे, हकीकत बदल गए।।

Vivek Barnwal

Mere Alfaz
                                                                
                                                    तुम जो थे तो सब संभल गए,
तुम गए और हम बिखर गए।।

वो तड़पता रहा रातभर जाग कर,
तुम अहले सुबह उठे और रूखसत हो गए।।

सारी उम्र बेवजह भटकता वो रहा,
फिर एक मकान मिला और किरदार बदल गए।।

कहते रह...और पढ़ें
15 hours ago

नास्तिक की आख़िरी दलील

chandan kharwar

Mere Alfaz
                                                                
                                                    नास्तिक की आख़िरी दलील

सब कहते हैं—
“नास्तिक प्रेम में पड़ तो गया,
अब अपनी महबूबा को माँगेगा किससे?
जिस ईश्वर को उम्रभर नकारता रहा,
उसी के दर पर जाकर सिर झुकाएगा क्या?”

मैं मुस्कुराया।
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15 hours ago

जो न माना मानव

Rajan Malhotra

Mere Alfaz
                                                                
                                                    जो न माना मानव तू तो पीछे फिर पछताएगा
तेरा करा धरा ही सब कुछ तेरे सामने आएगा।
मेरी इस पावन धरती को धुआँ धुँआ ही कर डाला
ईंधन और बारूद से मेरा सीना चाक ही कर डाला।
ज़हरीली गैसों से मेरा गला घूँटता जाता है
क्यूँ मानव...और पढ़ें
15 hours ago
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