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धुँधला प्रतिबिंब

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक महाकाव्य सा जोर था
        
                                                    
                            
उपन्यास से भी बड़ा शोर था
कलम दूर था,
कागज कोई और था
बस हम सोचते रहे और गुनगुनाते रहे
अक्षर अक्षर मिलाकर शब्द बनाते रहे
कागज जब तैयार हुआ
स्याही सूख चुकी थी
शब्द बिगड़ गए थे
अक्षर खो चुकी थी।
4 दिन पहले
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