जिन्दगी को समझने में वक्त बिगाड़ मत।
मोहब्बत खर्च कर जंजाल को जोड़ मत।।
ख्वाबों के ताने बाने परेशानी का सबब है।
दोस्ती हो गई अगर तो बेवजह तोड़ मत।।
चलते वक्त के साथ कदम से कदम मिला।
उसमें सिमटने की कोशिश कर छोड़ मत।।
जो मिल गया खुशी उसमें ढूँढ और समझ।
सुकून पाने के लिए प्रतिशोध से जोड़ मत।।
तरकीब मिल ही जायेगी मंजिल के करीब।
रास्ते की सुन्दरता का लुफ्त उठा मोड़ मत।।
मन में चल रहे संघर्ष को विराम दे 'उपदेश'।
खामख्वाह खुद की लड़ाई इससे जोड़ मत।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'