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तो कहना

Shivam Gargwansi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खत छोड़ो हम किताब लिख देंगे तुम पढ़ सको तो कहना
        
                                                    
                            
तुम्हारी आंखों को कमाल तुम्हारे चेहरे को बेमिसाल लिख देंगे
तुम यूं आंखें भींचकर मुस्कुरा सको तो कहना
कर तो लूंगा शिव सा इंतजार मैं तुम तप पार्वती सा कर सको तो कहना
शिव सा इश्क होगा अपना
तुम गौरा बनकर आखरी सांस तक मेरी बाहों में रह सके तो कहना
नहीं सुनेंगे चार लोगों की तुम इश्क लुटा सको तो कहना
छोड़कर सहूलियत अपनी बबुल के कांटों पर चलेंगे हम
तुम कटे पांव पर मरहम लगा सको तो कहना
जीने मरने की कसमें छोड़ो जब तक साथ रहूं इश्क करोगी तो कहना
और यू एक को छोड़ दूसरे का हाथ थामना आम सा हो गया है
तुम भरी महफिल में मुझे अपना कह सको तो कहना
हां तब कह देना कि तुम्हें मुझसे प्यार है
इश्क करना प्यार करना मोहब्बत करना सब ठीक निभा सको तो कहना
 
3 महीने पहले
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