खत छोड़ो हम किताब लिख देंगे तुम पढ़ सको तो कहना
तुम्हारी आंखों को कमाल तुम्हारे चेहरे को बेमिसाल लिख देंगे
तुम यूं आंखें भींचकर मुस्कुरा सको तो कहना
कर तो लूंगा शिव सा इंतजार मैं तुम तप पार्वती सा कर सको तो कहना
शिव सा इश्क होगा अपना
तुम गौरा बनकर आखरी सांस तक मेरी बाहों में रह सके तो कहना
नहीं सुनेंगे चार लोगों की तुम इश्क लुटा सको तो कहना
छोड़कर सहूलियत अपनी बबुल के कांटों पर चलेंगे हम
तुम कटे पांव पर मरहम लगा सको तो कहना
जीने मरने की कसमें छोड़ो जब तक साथ रहूं इश्क करोगी तो कहना
और यू एक को छोड़ दूसरे का हाथ थामना आम सा हो गया है
तुम भरी महफिल में मुझे अपना कह सको तो कहना
हां तब कह देना कि तुम्हें मुझसे प्यार है
इश्क करना प्यार करना मोहब्बत करना सब ठीक निभा सको तो कहना
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