विज्ञापन

मेरे नाम की मेहंदी मिटाने वाले

Santosh Pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इक याद वो बनकर आ जाओ
        
                                                    
                            
कई गजलें तुम्हीं पर लिखनी है
प्रिय राज करो तुम महलों में
हम महफिल सजाने निकले हैं

मेरे नाम की मेहंदी मिटाने वाले
तेरा नाम मशहूर करने निकले हैं
प्रिय राज करो तुम महलों में
हम महफिल सजाने निकले हैं

कल तक वो जो मेरे थे
आज किसी और के होने वाले हैं
प्रिय राज करो तुम महलों में
हम महफिल सजाने निकले हैं

 
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

श्री सनातन

671 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13377 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7459 कविताएं

View Profile