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मेरे नाम की मेहंदी मिटाने वाले

                
                                                         
                            इक याद वो बनकर आ जाओ
                                                                 
                            
कई गजलें तुम्हीं पर लिखनी है
प्रिय राज करो तुम महलों में
हम महफिल सजाने निकले हैं

मेरे नाम की मेहंदी मिटाने वाले
तेरा नाम मशहूर करने निकले हैं
प्रिय राज करो तुम महलों में
हम महफिल सजाने निकले हैं

कल तक वो जो मेरे थे
आज किसी और के होने वाले हैं
प्रिय राज करो तुम महलों में
हम महफिल सजाने निकले हैं

 
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3 महीने पहले

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