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चाहत संध्या की

Rajan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम वो शुरुआत हो
        
                                                    
                            
जिसकी मैंने कभी तलाश नहीं की थी ..
लेकिन जब तुम मिले,
तब एहसास हुआ की
मै शायद बरसों से
अनजाने में तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था ..
तुम्हे पाने के बाद समझ आया
की कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में
इत्तेफ़ाक़ से नहीं आते,
वो हमारी अधूरी दुवाओ का जवाब बन कर
आते है ...
और अब दिल सिर्फ इतना जानता है --
दुनिया में बहुत कुछ चाहा जा सकता है ,
मगर मुझे वही चाहिए था
जो मुझे तुममें मिल गया ....
एक महीने पहले
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