विज्ञापन

जो नही बस वहीं ख्याल होता हैं

Niraj Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन
        
                                                    
                            
मन चाहता सिर्फ मन के अहंकार को ...
कभी नीली बत्ती गाड़ी, कभी मिनिस्टर वाली कार को
मन चाहता है केवल वैभव और विलास को ..
मन चाहता है बड़ी बड़ी बातें तो और कभी झूठी दिलासाएं
मन चाहता सिर्फ मन के अहंकार को...
मन जाता है अक्सर बीते हुए बातों पर,
जो हुआ नहीं ऐसे व्यर्थ संवादों पर
मन भटक जाता है इन्हीं दो बातों पर,
जो हुआ नहीं या व्यर्थ संवादों पर
मन का यहीं चाल होता है,
जो नही बस वहीं ख्याल होता हैं

 
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

NIHALIKA K

53 कविताएं

View Profile