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मुसाफ़िरत

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हताशा निराशा आती जाती रहती हैं
        
                                                    
                            
आशा की किरण बुझनी नहीं चाहिए !
मजबूत टूटकर भी जारी रखते सफ़र
मुसाफ़िरत कभी रुकनी नहीं चाहिए !
-एन. आर. कस्वाँ
2 weeks ago
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