मिट्टी के हो और मिट्टी में ही लौट जाओगे
इससे ज्यादा थे न इससे ज्यादा हो पाओगे
गर बेहतर बनने के बजाए हंबल बने रहोगे
तो दुनिया में बेहतरीन इन्सान कहलाओगे
-एन आर कस्वाँ