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मिट्टी के हो और मिट्टी में ही लौट जाओगे

                
                                                         
                            मिट्टी के हो और मिट्टी में ही लौट जाओगे
                                                                 
                            
इससे ज्यादा थे न इससे ज्यादा हो पाओगे
गर बेहतर बनने के बजाए हंबल बने रहोगे
तो दुनिया में बेहतरीन इन्सान कहलाओगे
-एन आर कस्वाँ
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1 सप्ताह पहले

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