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आन्दोलन

Naik prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहाँ हो असंतोष वहां होगा आन्दोलन
        
                                                    
                            
प्रजातंत्र में आन्दोलन होना स्वाभाविक है
श्रमिक, छात्र, किसान इत्यादि
सब करतें हैं आन्दोलन
वेतन बढ़ाना, किसी भी नागरिक अहित
इत्यादि कारणों से आन्दोलन होना स्वाभाविक है
पर सबसे बड़ी समस्या है कि
आन्दोलन किसी का भी हो
राजनैतिक पार्टी कूद पड़ना
यह स्वाभाविक नहीं हो सकता है
चूल्हा जला कि हर कोई रोटी सेकने लगे
तो जिसकी चूल्हा है वह रोटी नहीं सेक पायेगा
इसलिए जो संगठन आन्दोलन कर रही है
उसे राजनैतिक हस्तक्षेप नहीं करने देना चाहिए
2 महीने पहले
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