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आन्दोलन

                
                                                         
                            जहाँ हो असंतोष वहां होगा आन्दोलन
                                                                 
                            
प्रजातंत्र में आन्दोलन होना स्वाभाविक है
श्रमिक, छात्र, किसान इत्यादि
सब करतें हैं आन्दोलन
वेतन बढ़ाना, किसी भी नागरिक अहित
इत्यादि कारणों से आन्दोलन होना स्वाभाविक है
पर सबसे बड़ी समस्या है कि
आन्दोलन किसी का भी हो
राजनैतिक पार्टी कूद पड़ना
यह स्वाभाविक नहीं हो सकता है
चूल्हा जला कि हर कोई रोटी सेकने लगे
तो जिसकी चूल्हा है वह रोटी नहीं सेक पायेगा
इसलिए जो संगठन आन्दोलन कर रही है
उसे राजनैतिक हस्तक्षेप नहीं करने देना चाहिए
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2 महीने पहले

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