विज्ञापन

हर रात की सुबह

kamal jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर रात की सुबह होती है,
        
                                                    
                            
बातों से ही सुलह होती है।
छट जाता है घना अंधेरा,
सूरज लाता है नया सवेरा।

बस थोड़ा सा विश्वास रखें,
अपने मन से संवाद करें।
टूटे हौसलों को फिर जोड़ें,
सपनों को फिर आबाद करें।

हर ठोकर कुछ सिखाती है,
हर पीड़ा मजबूत बनती है।
गिरकर जो उठना सीखते हैं,
मंज़िल उन्हें पास बुलाती है।

चलते रहना ही जीवन है,
रुक जाना तो अंत होता है।
जो विश्वास नहीं खोते हैं,
उनका कल स्वर्णिम होता है।
—कमल किशोर झा 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

श्री सनातन

671 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13377 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7459 कविताएं

View Profile