विज्ञापन

“ख़ुद को पहचानो”

Dr. Shiv

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            “ ख़ुद को पहचानो”
        
                                                    
                            

भीतर नैतिक दीप है, जगमग करता रोज़ ।
सत्य मार्ग पर चल पड़े, मिटे अंधियारी सोच ॥

ईमानदारी की डगर, कठिन सही पर साफ़ ।
झूठ छल से दूर रहो, यही जीवन का लक्ष॥

मन की आवाज़ सुनो, अंतरात्मा का मान ।
सच्चाई से ही बढ़ सके, जीवन का सम्मान ॥

धन दौलत सब क्षणिक, चरित्र अमर प्रकाश ।
सत्य पथ पर जो चले, वही बने ख़ास ॥

कठिन समय में भी रखो, ईमान का सहारा ।
नैतिकता से जग सजे, जीवन हो उजियारा ॥

दूसरों पर जो असर, हर निर्णय से होय ।
सत्य मार्ग अपनाइए, यही जीवन का सोय ॥

सच्चे कर्मों से बने, उज्ज्वल जीवन चित्र ।
ईमानदारी की डगर, सबसे सुंदर मित्र ॥

नैतिकता का दीपक, जलता रहे निरंतर ।
सत्य-प्रकाश से सजे, जीवन पथ निरंतर ॥
-शिव राय पुरी
 
5 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

613 कविताएं

View Profile

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile