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फिर से निकला

Brajesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फिर से निकला सूरज आज
        
                                                    
                            
नया सवेरा लाने को
बुझे चेहरों पे फिर से
इक नया तेज  बिखराने को
हर दिल के अंधेरे कोनों में भी
नई रौशनी फैलाने को
धूमिल आशाओं में फिर से
नई जान भर जाने को
फिर से निकला सूरज आज...।
3 महीने पहले
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