फिर से निकला सूरज आज
नया सवेरा लाने को
बुझे चेहरों पे फिर से
इक नया तेज बिखराने को
हर दिल के अंधेरे कोनों में भी
नई रौशनी फैलाने को
धूमिल आशाओं में फिर से
नई जान भर जाने को
फिर से निकला सूरज आज...।
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