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होते ना पर्वत ते होती ना दौलत

Arvind Kumar Shivhare

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            होते ना पर्वत ते होती ना दौलत
        
                                                    
                            
चमत्कारी औषधि है जिनकी बदौलत
हरे भरे खुशहाल
धरा के हैं ऊपर
धरा के है ये भाल
ये नग ये भूधर
निकलती न गंगा न माया ते मोहलत
बसते न शम्भू ते देते न अभिमत
रमते यहा तपश्वी
ला देते क्रांति
हिम जब पिघलती
भू जल ते शांति
उपजाऊ मिट्टी ये खेत खेत भेजत
खुदाई ते इनकी कवि का रक्त खौलत
होते ना पर्वत ते होती ना दौलत
चमत्कारी औषधि है जिनकी बदौलत
1 सप्ताह पहले
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Anil Pandey

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