विज्ञापन

ले लोहा झंझावातों से जो

ARAVINDA MOHUN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ले लोहा झंझावातों से जो, बांधे विभु के उत्ताल तरंग ।।
        
                                                    
                            
शौर्य पताका गगन चढे, पवन बजावे उन खातिर मृदंग ।।
चहुं ओर चर्चे चलने लगें और उनकी गाथा बने अनंग।।
कीर्ति पताका उनकी जब फहरे, हो जाते हैं कायर दंग।।
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13403 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

11075 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

854 कविताएं

View Profile

Dr fouzia

6944 कविताएं

View Profile