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स्वर्ग उतरा धरा पर

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            झूम रही नीम की डाली
        
                                                    
                            
झूम रही अमवा की डाली
बह रही पावन पवन पानी
कह रही सुंदरता की कहानी
नाच रहे पत्ते मतवाले
नाच रहे हैं हम मतवाले
भींगा मन,भींगी हर डाली
भर रही प्यार की थाली
नहा रहे घर,छत,छप्पर
स्वर्ग उतरा आज धरा पर।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 महीने पहले
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