विज्ञापन

एकता की शक्ति

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आपस में मिलजुल कर रहो
        
                                                    
                            
दुःख सुख दोनों खुल कर कहो
एकता में छुपी शक्ति अपार
एकता से जीत लो सारा संसार
"एक बनो
नेक बनो"
यही हमारा नारा है
बनाना वतन को और प्यारा है
परिवार आगे बढ़ता वही है
समाज आगे बढ़ता वही है
पाता सफलता वही है
जो मिलजुल कर रहता है
जो चाल नहीं चलता है
जो निरंतर चलता है
एक दिन पाता वही सफलता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7504 कविताएं

View Profile