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एकता की शक्ति

                
                                                         
                            आपस में मिलजुल कर रहो
                                                                 
                            
दुःख सुख दोनों खुल कर कहो
एकता में छुपी शक्ति अपार
एकता से जीत लो सारा संसार
"एक बनो
नेक बनो"
यही हमारा नारा है
बनाना वतन को और प्यारा है
परिवार आगे बढ़ता वही है
समाज आगे बढ़ता वही है
पाता सफलता वही है
जो मिलजुल कर रहता है
जो चाल नहीं चलता है
जो निरंतर चलता है
एक दिन पाता वही सफलता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 दिन पहले

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