विज्ञापन

भाग्य और कर्म

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            केवल कर्म करते जाओ
        
                                                    
                            
करके कर्म सब कुछ पाओ
भाग्य पर मत करो विश्वास
भाग्य से मत करो आस
भाग्य से बड़ा कर्म है
तो कर्म करने में कैसा शर्म है?
कर्म के पीछे भाग्य भागता है
भाग्य भी कर्म से दुआ मांगता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10257 कविताएं

View Profile