केवल कर्म करते जाओ
करके कर्म सब कुछ पाओ
भाग्य पर मत करो विश्वास
भाग्य से मत करो आस
भाग्य से बड़ा कर्म है
तो कर्म करने में कैसा शर्म है?
कर्म के पीछे भाग्य भागता है
भाग्य भी कर्म से दुआ मांगता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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