नवीन सी० चतुर्वेदी एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। साहित्य-लेखन में चाहे विविध विधाओं का सृजन हो अथवा विभिन्न भाषाओं का, चतुर्वेदी जी की क़लम सबको साधती है। वे अलग-अलग भाषाओं-विधाओं में केवल लिखते भर नहीं, बल्कि पूर्ण अधिकार के साथ रचना करते हैं। हिन्दी क...और पढ़ें
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है
बिन अदालत औ मुवक्किल के मुकदमा पेश है
आँख में दरिया है सबके
दिल में है सबके पहाड़
आदमी भूगोल है जी चाहा नक्शा पेश है
क्या गजब का देश है यह क्या गजब का देश है।
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मैया मैं नहिं माखन खायौ।
ख्याल परैं ये सखा सबै मिलि, मेरैं मुख लपटायौ॥
देखि तुही सींके पर भाजन, ऊँचैं धरि लटकायौ।
हौं जु कहत नान्हे कर अपनै मैं कैसैं करि पायौ॥
मुख दधि पोंछि, बुद्धि इक कीन्ही, दोना पीठि दुरायौ।
डारि...और पढ़ें
कृष्ण निर्मोही हैं, इसीलिए कृष्ण से मोह हो जाता है। कृष्ण प्रेम की प्रवाहमान सरिता हैं। व्याकुल कंठों और तृषित उरों की सुध लेती संवेदना की सरिता। पर जैसा हर नदी की नियति है। उसे बहना है। यात्रा उसका धर्म है और प्यास मिटाना उसका कर्म। वैसा ही घटित होत...और पढ़ें
आवत हिय हरषै नहीं, नैनन नहीं सनेह।
‘तुलसी’ तहाँ न जाइए, कंचन बरसे मेह॥
भावार्थ:- जिस घर में जाने पर घर वाले देखते ही प्रसन्न न हों और जिनकी आँखों में प्रेम न हो, उस घर में कभी न जाना चाहिए। उस घर से चाहे कितना ही लाभ क्यों न हो...और पढ़ें
वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र के विट्ठलपुर गांव में प्रख्यात हिंदी कवि सुदामा पांडेय 'धूमिल' की प्रतिमा को पिछले दिनों असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों, साहित्य प्रेमियों और धूमिल के शुभचिंतकों में...और पढ़ें
साहित्य को जिन मूल्यों के लिए जाना पहचाना जाता था, वे मूल्य धीरे धीरे जमींदोज़ हो रहे हैं। बाजार ने सारे मूल्यों को प्रभावित किया है; ऐसे में किसी साहित्यिक पत्रिका का संपादक यह कहे कि प्रेमचंद दोयम दर्जे के कथाकार थे, यह कोई अचरज की बात नहीं है । कि...और पढ़ें
कवि रूपन जी बनारस के लोकप्रिय कजरी गायक थे। आपका समय 20वीं सदी का प्रारंभ था। आपकी बहुत सारी रचनाएँ अभी अप्राप्य हैं लेकिन जो मिली हैं उनमें प्रस्तुत है एक कजरी-
पिया तजके हमें गइले परदेसवा ना
गए हमसे कर के घात, सुनऽ सौतिन के...और पढ़ें
संयोग में प्रेमी प्रेमिका के लिए सर्वाधिक प्रेम मग्न दिवसों का आगमन तो वियोग में विरह की तीव्रता का काल।किसी कमज़ोर छत वाले गृहस्थ को घर टपकने की चिंता का कारण तो धनवानों के लिए सैर सपाटा की वजह।
जिसने धान रोप दिये उसके लिए बारिश वरदान...और पढ़ें
अदब साहिर के रास्ते होते हुए जीवन में आया था। वो कॉलेज के दिन थे और साहिर-अमृता की प्रेम कहानी के तसव्वुर के भी। मैं साहिर के गीत सुनती थी और सोचती थी कि ये सब अमृता प्रीतम के लिए हैं, फिर पता चला कि एक सुधा मल्होत्रा भी थीं जिनसे साहिर को प्रेम हुआ...और पढ़ें