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मुकद्दर से

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझे मुकद्दर से अपने तन्हाई मिली।
        
                                                    
                            
दर-ए-तबीब से पीर इंतिहाई मिली।।

मेरे हिस्से,हिज़्र के सिवा कुछ नहीं।
सिर्फ़ ग़ैरों को, तेरी पज़ीराई मिली।।
-यूनुस खान
2 सप्ताह पहले
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