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तबीयत की नुमाइश

Vishnu Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इक बात जो हम जानते हैं, कि ग़ैर नहीं हैं,
        
                                                    
                            
इक बात जो ग़ैर जानते हैं, कि हम ग़ैर हैं,
अपने-अपने तबीयत की नुमाइश क्यों करें,
जब ख़ामोशी में हम इक-दूसरे का दिल जानते हैं।
-विष्णु नेह
2 महीने पहले
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