विज्ञापन

मैंने देखा है उसे

Vinita Tirpude

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैंने देखा है उसे किसी मंज़र का तमाशबीन बनते,
        
                                                    
                            
मैंने देखा है उसे अपनी ही सरगोशियों में लोगों से बहुत कुछ कहते।

जाते-जाते वह मुझसे यह बयाँ कर गया—
“मेरे जनाज़े पर तुम थोड़े-से फूल चढ़ा देना,
कुछ नहीं तो कम-से-कम दिखावे के ही दो आँसू बहा देना।

फिर तुम यह न समझ लेना कि मैं तुम्हें माफ़ कर जाऊँगा।
शिकायतें तो अब भी बहुत-सी हैं तुमसे,
मगर अब तुम्हें यह कैसे बयान करूँ कि...

ख़ामोश हो गया हूँ मैं आज।

हो सके तो बिना कहे ही
मेरा हाल-ए-दिल लोगों को समझा देना...”

 
4 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Prasoon Saxena

973 कविताएं

View Profile