विज्ञापन

शिव महिमा

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शंकर जी की भक्ति से इस जग में नवशक्ति का संचार हुआ,
        
                                                    
                            
जिसने पूजा भोलेनाथ को, उसका हर बेड़ा पार हुआ।
भस्म रमाए, गले में नाग, मस्तक पर चंद्र उजियार हुआ,
त्रिनेत्र खुले जब भोले के, अधर्म का तब संहार हुआ।
जिसने "ॐ नमः शिवाय" जपकर, अपना जीवन सँवार लिया,
शिव-कृपा की अमृतधारा ने, उसका हर दुःख हर लिया।
बेलपत्र और जल की धारा, जिनको सबसे प्यारी है,
भोले बाबा की महिमा तो, वेदों से भी न्यारी है।
सच्चे मन से जो झुक जाए, उसके भाग्य सँवर जाते हैं,
महाकाल की कृपा बरसे तो, पत्थर भी शिव बन जाते हैं।
कैलाशपति की शरण जो आया, उसका हर उद्धार हुआ,
शंकर जी की भक्ति से इस जग में नवशक्ति का संचार हुआ,
जिसने पूजा भोलेनाथ को, उसका हर बेड़ा पार हुआ।

 
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dr fouzia

6957 कविताएं

View Profile