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मोहब्बत आज भी बरक़रार है.....

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            असर अपनी मोहब्बत का आज भी बरक़रार है दौर-ए-ज़िंदगी में,
        
                                                    
                            
न तुमने कभी मेरा हाथ छोड़ा, न हमने कभी तुम्हारा हाथ छोड़ा।

कभी भीड़ में चुपके से तुमने मेरी उँगली थाम ली,
कभी मैंने तुम्हारी हथेली में अपना चेहरा रख दिया।
वक़्त गुजरता गया, मगर वो छुअन आज भी वैसी ही है,
तुम सामने होती हो तो दिल आज भी पहले जैसा धड़कता है।

न जाने कितने मौसम आए और चले गए हमारी ज़िंदगी से,
मगर तुम्हारी बाँहों का वो सुकून आज भी वहीं ठहरा है।
दुनिया ने लाख कोशिश की हमें अलग-अलग समझाने की,
हमने हर बार एक-दूसरे को और करीब कर लिया।

इश्क़ अगर सच्चा हो तो उम्र सिर्फ़ तारीख़ें बदलती है,
मोहब्बत नहीं…
हाथ आज भी तुम्हारा है,
और धड़कन आज भी मेरे नाम से तुम्हारी है।
-विकास त्रिपाठी “विक्की” 
2 महीने पहले
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