विज्ञापन

यादों को सहेजता हूं

Vijendra Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यादों को सहेजता हूं ----
        
                                                    
                            
जीवन की लंबी यात्रा में यादों का भंडार है,
वही यादें सहेजीं मैंने जिनसे जीवन गुलजार है
वो यादें तो भूल गया जिनसे जीवन दुश्वार है,
अच्छी यादें तो जीवन नौका की पतवार है
जीवन नदिया पार उतरने को पतवार नेक है,
इसीलिए अच्छी यादों का मात्र सहारा एक है
मस्तिष्क में यादें सहेजने हेतु स्थान सीमित है,
बुरी यादें भुला दीं अच्छी यादों की कीमत है.
बुरी यादें तो हमेशा चेहरे पर शिकन लातीं हैं ,
मेरी याद में तो अच्छी यादें ही स्थान पातीं हैं.
-बीपी सिंह यादव
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Prasoon Saxena

973 कविताएं

View Profile