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मेरी आकांक्षा

Vijendra Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी आकांक्षा ------
        
                                                    
                            
पद प्रतिष्ठा धन सम्पति पाने की मरी चाह नहीं है,
राजनीतिक दल में भी जाने की मेरी राह नहीं है l
राजनीतिक के मंच पर जाने की मेरी चाह नहीं है,
नेता के पिछलग्गु बन जाने की मेरी चाह नहीं हैl
कुटिल राजनीति की गहराई की मुझे थाह नहीं है,
सज्जन गुणसंपन्न लोगों की भी कहीं कमी नहीं हैl
मैंने खुद को बुद्धिमान और विद्वान नहीं माना है,
बुद्धिमान विद्वानों का प्रभाव तो अवश्य जाना है l
परम पिता परमेश्वर ने सुख समृद्धि से नमाजा है,
देश विदेश भ्रमण सब प्रभु कृपा का तकाजा है l
सदगुणी विद्वानों के सानिध्य की हीआकांक्षा है
मेरी कलम सदा चलती रहे माँशारदे से प्रार्थना हैl
-बीपी सिंह यादव 
एक महीने पहले
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