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अपमान का घूंट पीना होता है

Vijendra Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपमान का घूंट पीना होता है
        
                                                    
                            
आत्मीय जन बनके ही तो लोग अपमान करते हैं,
उत्तुंग शिखर दृष्टि वाले कब अपमान से डरते हैं l
सम्मान प्राप्त व्यक्ति अपमान को प्राप्त करता है,
विश्व विजेता जीवन में हार को प्राप्त करता हैl
अपनों का कियाअपमान भी सम्मान बन जाता है,
ईश्वरीय महिमा होने पर सुख का तंबू तन जाता हैl
जिसे सम्मान की चाह नहीं अपमान भी भला है,
सम्मान अपमान का समिश्रण जीवन में कला हैl
अपमान को सहन करके जो नित्य आगे बढ़ता है,
वह जीवन में सफलता की सीढीओं को चढ़ता हैl
- बीपी सिंह यादव 
17 घंटे पहले
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