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सभी व्यापारी हैं

Vijay Erry

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सभी व्यापारी हैं
        
                                                    
                            
कोई बेचता माल दुकान पर,
कोई बेचता बात,
कोई रिश्तों का सौदा करता,
कोई बेचता जज़्बात.
कोई ईमान का सौदा करता,
कोई बेचता ज्ञान,
कोई मीठी बातों से कमाए,
दुनिया में पहचान.
कोई मेहनत बेचकर खाता,
कोई बेचता हुनर,
कोई पसीने की कीमत पाता,
कोई बेचता अपना असर.
कोई समय लगाकर रिश्ते,
जीवन भर निभाता है,
कोई मतलब पूरा होते ही,
रिश्ता भूल जाता है.
माँ देती ममता निस्वार्थी,
बदले कुछ न माँगे,
बाप पसीना बेच के बच्चों के,
सपने पूरे माँगे.
गुरु अपना ज्ञान लुटाता,
शिष्य भविष्य बनाता,
सेवा के बदले सम्मान मिले तो,
गुरु भी मुस्काता.
डॉक्टर जीवन बचाने निकले,
किसी की फीस कमाए,
कोई सेवा को धर्म समझे,
कोई पैसा ही पाए.
नेता जनता के वोटों का,
अक्सर व्यापारी होता,
वादों की गठरी लेकर निकले,
जीत गया तो न्यारा होता.
अधिकारी अपनी कुर्सी का,
कुछ ईमान से सौदा करते,
कुछ सुविधा के भाव लगाकर,
फाइल आगे करते.
कवि शब्दों का व्यापारी है,
भावों की दुकान सजाता,
कभी हँसाता, कभी रुलाता,
कभी आईना दिखलाता.
प्रेमी प्रेम का सौदा करता,
प्रेमिका विश्वास लगाती,
दोनों अपनी-अपनी आशा की,
पूँजी लेकर आती.
कोई मित्रता सच्ची बेचकर,
दोस्ती जीवन भर निभाता,
कोई मतलब की दुकान सजाकर,
मित्रों को भी आजमाता.
कोई धर्म का नाम बेचता,
कोई डर का व्यापार,
कोई श्रद्धा को शक्ति बनाता,
कोई करता कारोबार.
कोई झूठ को सच बनाकर,
बाजार में ले आता,
कोई सच की कीमत देकर भी,
सच से नहीं हट पाता.
कोई अपना समय बेचता है,
कोई अपनी जवानी,
कोई सपने बेचकर जीता,
कोई बेचता कहानी.
हर कोई कुछ दे रहा जग में,
हर कोई कुछ पाता,
कर्मों की इस बड़ी दुकान में,
लेखा-जोखा आता.
फर्क नहीं है व्यापारी होने में,
फर्क नियत में होता,
किसने क्या कीमत माँगी जग से,
बस अंतर इतना होता.
कोई प्रेम बाँटकर धन्य हुआ,
कोई धन जोड़ता रहा,
कोई सेवा करके अमर हुआ,
कोई स्वार्थ में दौड़ता रहा.
दुनिया सचमुच एक मंडी है,
हर कोई खरीदार,
पर सबसे महँगा सौदा है भाई,
इंसानियत और प्यार.
धन का सौदा चलता रहे,
चलता रहे व्यापार,
पर बिकने मत देना जीवन में,
अपना सच्चा व्यवहार.
व्यापारी सब इस दुनिया में,
पर चुनाव हमारा है,
लाभ कमाएँ ऐसा जीवन से,
जिसमें सुख सबका प्यारा है.
कह ऐरी कविराय, हिसाब यही है,
सौदा करना बुरा नहीं,
पर इंसानियत बेचकर कमाया धन,
जीवन की सच्ची कमाई नहीं.
 
एक महीने पहले
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