विज्ञापन

वफा की लत...!!

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेवफ़ाई का विकल्प वफ़ाई ही तो है,
        
                                                    
                            
नफ़रत का जवाब मोहब्बत ही तो है।
कोई छोड़ जाए बीच राह में अगर,
तो भी दुआ देना अपनी फ़ितरत ही तो है।
हर कोई निभा नहीं सकता रिश्ते दिल से,
वफ़ा तो होती है कुछ ख़ास लोगों के उसूलों में।
बेवफ़ाई करके कोई बड़ा नहीं होता,
वफ़ा निभाने वालों का कोई मोल नहीं होता....!!
-संजय श्रीवास्तव
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7450 कविताएं

View Profile