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शब्दों के रंग

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शब्द बहलाते हैं शब्द दिल भी दहलाते हैं
        
                                                    
                            
वेदना के स्वर हो या प्रेम का राग शब्द जीवन का हर गीत सुनाते हैं
शब्द मान है शब्द ही शान है
क्रांति का आगाज़ है तो कभी शांति का पैगाम है
जो बन ना सके हकीकत तो यह शब्द कहानी बन जाते हैं
शब्द ही मनुहार है शब्द ही हथियार है
कल्पनाओं का रूप है कभी प्रकाश का स्वरूप है
अंधेरी राहों में उजालों का पथ दिखाते हैं
कभी बाण बनकर दिल को चीर जाते हैं, तो कभी शब्द भेदी बाण दुश्मन को चौंकाते हैं
शब्द सिर्फ माया जाल नहीं विचारों का अलौकिक संसार है
जो अर्थ की अंगुली पड़कर कागजों पर मुस्कुराते हैं।
- नीता टहलयानी
 
3 महीने पहले
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