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बिना जानें सीरत कैसा है,उनका

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रोका है मैंने बहुत अपने मन को,
        
                                                    
                            
फिर भी लिखने से नहीं रोक पाया।
चेहरा अच्छा लगते मिलन में हमको, ।
बिना जानें सीरत कैसा है,उनका।

सीरत वाले से प्रेम होना अतुल है।
इस लगाव की अवधि, जीवन के
बाद भी यादगार और बहुमूल्य है।
एक दूसरे के वास्ते मर-मिटने
के लिए हरदम कृतसंकल्प हैं।

सीरत वाले से प्रेम में गर हो दूरी,
फिर भी लगता हम तो पास हैं।
चेहरा के अनुरूप सीरत हो,
ऐसा मिलना महज इत्तेफाक है।
आकर्षण तो सामान्य बात है।
-श्याम कुमार "सागर"
2 दिन पहले
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