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"प्रेम -गीत "

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रंग भरे मौसम से रंग चुरा के,
        
                                                    
                            
आज सनम तेरी तस्वीर बना लूँ....।
दिल के सारे अरमा तुझपे लुटा के,
आज सनम तुझको मै तुझसे चुरा के,
अपनी तक़दीर बना लूँ......।
रंग भरे मौसम से, रंग चुरा के......।
मेरा दिल बैचैन बड़ा है,
मै बेताब बड़ी हूँ.....।
तेरा रस्ता देख़ रहा है,
मै तैयार खड़ी हूँ....।
तेरे मेरे दिल मिले, मौसम वसंत हुए......।
खिल उठे हैं ये गुलशन, पतझड़ के अन्त हुए....।
गुलशन के सारे फूलों क़ो चुरा के,
आज सनम तुझको, दुल्हन मै बना लूँ.....।
रंग भरे मौसम से रंग चुरा के.......।
लिख दिया है दिल पे, नाम तेरा,
सौंप दिया तुझको सारा जहांन मेरा..,
आजा सनम तुझको, नयनों मे छुपा लूँ।
नयनों की गली से,
तुझे दिल मे बिठा लूँ......।
रंग भरे मौसम से, रंग चुरा के,
आज सनम तेरी तस्वीर बना लूँ....।
-शरद कुमार श्रीवास्तव.....।



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