विज्ञापन

मेरे अल्फाज़

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं शाही दरबारों का कोई फ़रमान नहीं लिखता,
        
                                                    
                            
मैं प्रेमी-प्रेमिकाओं का भी अरमान नहीं लिखता।
झुका सको तो झुका लो मेरी इस बुलंद आवाज़ को,
मैं मर जाऊँगा लेकिन किसी के आगे झुकना नहीं लिखता!
 
4 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Parul Bhaktani

1640 कविताएं

View Profile