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मेरे पिता जी का मेहनत का पसीना

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे पिता जी का मेहनत का पसीना ही है ,
        
                                                    
                            
जिसने हमें इतना काबिल बना दिया,
बिना कुछ कहे, बिना कुछ बोले,
बिना रुके, बिना अपनी परवाह किये,
सिर्फ हमारे लिए मेहनत का पसीना बहाया,
ताकि हमे न हो कोई परेशानी, कोई रुकावट,
सिर्फ हम से बदले में मांगते अच्छी पढ़ाई,
जिससे हमारा भविष्य में न आये कोई बाधा,
हमे हर त्यौहार पर अच्छी अच्छी चीजें वो दिलवाते,
जब आती अपनी बारी तो,
एक ही बात बार बार दोहराते,
मेरा पास भी है बेहद चीजें,
अपनी प्यारी मुस्कान से,
अपने दुखों को वो छिपाते,
अपने प्यार से हमे वो हँसाते!

-आकांक्षा गुप्ता
2 महीने पहले
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