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काश! जीवन सतरंगी हो जाए

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            काश! जीवन सतरंगी हो जाए
        
                                                    
                            

बारिश थमी, किरण जब उतरी,
अम्बर ने श्रृंगार किया।
सात रंग की एक धनुष ने,
धरती से संवाद किया॥

पल भर का वह दृश्य मगर भी,
जीवन का इक राज़ बताए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

लाल रंग सूरज-सा दमके,
प्रेम का विश्वास जगाए।
मुश्किल कितनी राह मिले पर,
हिम्मत का दीपक जलाए॥

प्रेम रहे और हौसला भी,
कोई रिश्ता टूट न पाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

नारंगी संध्या-सा दमके,
त्याग-तपस्या राह दिखाए।
अपने हिस्से का कुछ देकर,
औरों के भी दीप जलाए॥

स्वार्थ जले तो सेवा जागे,
मन थोड़ा उदार हो जाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

पीला सरसों-सा मुस्काए,
धूप सरीखी आस जगाए।
रात भले कितनी भी गहरी,
सुबह नया विश्वास जगाए॥

दुःख आए तो आने देना,
मन का सूरज बुझ न पाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

हरा रंग धरती से बोले,
पतझड़ भी कब अंत हुआ।
सूखी डाली पर फिर पत्ता,
कल फिर जीवनवंत हुआ॥

जो बीता, वह बीत गया अब,
नई कोंपल फिर खिल जाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

नीला अम्बर बाँहें खोले,
सागर गहराई सिखलाए।
ऊँचा होना लक्ष्य रहे पर,
मन भी उतना गहरा जाए॥

कद से कोई बड़ा नहीं हो,
सोच से ऊँचा हो जाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

नील रंग कुछ मौन सिखाए,
भीतर की आवाज़ सुनाए।
बैंगनी सपनों को छूकर,
कल्पना को पंख लगाए॥

बाहर जितना शोर बढ़े भी,
मन से मन की बात हो जाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

एक रंग से कब बन पाया,
इन्द्रधनुष का रूप सुहाना।
सात अलग जब साथ खड़े हों,
तब अम्बर ने रूप है पाना॥

मन भी अपने भेद भुलाकर,
सब रंगों के संग हो जाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

कुछ दिन लाल उमंगों वाले,
कुछ दिन नीले गहरे हों।
कुछ पीली मुस्कान लिए हों,
कुछ हरियाली ठहरे हों॥

हर दिन एक-सा क्यों माँगें हम,
हर पल जीना आ ही जाए—
हर रंग जीवन में उतर आए,
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥

इन्द्रधनुष ने जाते-जाते,
इतनी-सी बस बात कही—
रंग अकेला सुंदर होगा,
पर पूरी तस्वीर नहीं॥

सुख का रंग हो, दुःख का रंग हो,
हर रंग दिल से अपनाया जाए।
जीवन केवल जिया न जाए—
काश! ये जीवन सतरंगी हो जाए॥
— संतोष कुमार शर्मा
 
एक महीने पहले
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