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इस जिंदगी को बेरंग रहने दो।

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस जिंदगी को बेरंग रहने दो,
        
                                                    
                            
मुझे यूँ ही खामोश रहने दो।

जहां जाना चाहूं, जाह ना सकूँ ,
मुझे इन रहो में ठहरने दो।

जो कहना चाहूँ ,कह ना सकूँ ,
उन अनकहे शब्दों को रहने दो।

उजाले से अब क्या शिकायत हैं,
मुझे इस अंधकार में रहने दो।

हर दर्द को अपना बना लिया है,
अब मुझे थोड़ा अकेला रहने दो।

इस जिंदगी को बेरंग रहने दो,
मुझे यूँ ही खामोश रहने दो।

 
एक दिन पहले
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