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भरम था शायद

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भरम था शायद जो टुट के बिखर गए
        
                                                    
                            
तकलीफ़ तो बहुत है मगर
घांस चरने गई अकल अब ठिकाने पर है
1 सप्ताह पहले
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Rabindra Aman

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