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14- 15 अगस्त की मध्यरात्रि 1947

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            14- 15 अगस्त की मध्यरात्रि 1947 का दिन था,
        
                                                    
                            
अपने आप में बड़ा खास, कही डर, कही ख़ौफ,
अजब सी हलचल थी मन में क्या होगा सवेरा,
दुनिया सो रही थी भारत जाग रहा था साहब,
नेहरू जी की “ट्रस्ट विद डेस्टिनी” वाले भाषण ने,
भारत का भविष्य ही बदल दिया जनाब,
भारत में आजादी का दीपक जला दिया,
जिसमें कितने लोगों की शहादत थी शामिल,
हम उन लोगों के ऋणी है जनाब,
जो हमारे देश के लिए कुर्बान हो गये।
-आकांक्षा गुप्ता
2 महीने पहले
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