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तजुर्बे से परिचित कराती अक्सर

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपनी यादो को सँवरती लिखकर
        
                                                    
                            
अपने अंदाज में छटपटाती पढ़कर

तस्वीरों के साथ शब्दों में उतारती
ज्यादा ही वक्त गुज़ारती लिखकर

कुछ वक्त बिना लिखे कट जाता
उस वक्त संग्रह को सुधरती पढ़कर

सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित कर
तजुर्बे से परिचित कराती अक्सर

प्रतिभा की धनी 'उपदेश' जज्बाती
संबंधो को विराम देती ब्लॉक कर
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
4 दिन पहले
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