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तन्हाई रास तुम्हें

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खामोश होकर भी दिल में 'उपदेश' समाये हो।
        
                                                    
                            
तन्हाई रास तुम्हें पर मुझे क्यों तन्हा बनाये हो।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
17 घंटे पहले
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